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महर्षि वाल्मीकि के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें

1 महर्षि वाल्मीकि का पूर्व नाम रत्नाकर था वह अपने परिवार के लिए लूटपाट तथा डकैती किया करते थे।

2 1 दिन लूटपाट के इरादे से वे नारद मुनि को पकड़ लेते हैं।

3 नारद मुनि उनसे कहते हैं कि वे यह लूटपाट जिनके लिए कर रहे हैं क्या वे उनके पाप का भोग करने को तैयार हैं। जब यह सवाल वाल्मीकि अपने परिवार से पूछते हैं तो इस पर कोई हामी नहीं भरता।

4 जिसके बाद वह नारद मुनि से उन्हें राह दिखाने के लिए कहते हैं।

5 नारद मुनि महर्षि वाल्मीकि को कहते हैं कि वह राम नाम का जप करें।

6 लेकिन वाल्मीकि राम राम का जप करने की जगह मरा मरा कह देते हैं जिस वजह से उन पर दीमक लग जाते हैं यही वजह है कि उनका नाम वाल्मीकि पड़ा।

7 वाल्मीकि की कठोर तपस्या से ब्रह्मा जी प्रसन्न हो जाते हैं तथा उन्हें रामायण की रचना करने को कहते हैं।

8 एक दिन वाल्मीकि तपस्या के लिए नदी किनारे जा रहे होते हैं वही सारस पक्षी का जोड़ा दिखाई देता है जिसे एक शिकारी द्वारा मार दिया जाता है, जिसके बाद ही उनके मुख से एक श्लोक निकल पड़ता है जो कि रामायण का प्रथम श्लोक है।

9 महर्षि वाल्मीकि ने रामायण में कुल 24000 श्लोकों को शामिल किया है।

10 महर्षि वाल्मीकि का उल्लेख तीन कालो सतयुग, त्रेता, द्वापर में मिलता है

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